...तो प्रबंधक नान से की जायेगी वसूली- कलेक्टर ,उपार्जन वर्ष 2016-17 पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

कटनी।(12 अक्टूबर ) समय पर परिवहन न होने के कारण उपार्जन केन्द्र को भुगतान संकट व प्राकृतिक आपदा के कारण भंडारित धान की क्षति होने पर प्रबंधक नान उत्तरदायी होंगे। ऐसी स्थिति में वसूली प्रबंधक नान से व्यक्तिगत रुप से की जायेगी, यह निर्देश कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने शुक्रवार को आयोजित उपार्जन वर्ष 2016-17 के एक दिवसीय प्रशिक्षण में दिये। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बरसात से सुरक्षा के लिये सभी उपार्जन केन्द्रों में तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था 15 नवंबर के पूर्व करें। यदि बरसात के कारण धान की क्षति होती है। तो उपार्जन केन्द्र प्रभारी से ही क्षति राशि वसूली जायेगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में उपार्जन कार्य में संलग्न शाखा प्रबंधक, समिति प्रबंधकों, सहायकों एवं ऑपरेटर्स को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री गढ़पाले ने समस्त सहकारी समितियों के कर्मचारियों को 31 जनवरी 2017 तक अपने घरों में पक्का शौचालय बनाने की बात कही। कार्यशाला में कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों को उपार्जन केन्द्रों में समुचित व्यवस्था के निर्देश दिये। उन्होंने आदेश देते हुए कहा कि सभी उपार्जन केन्द्रों में कृषकों के बैठने व पीने के पानी की समूचित व्यवस्था की जाये। कृषकों के साथ उर्पाजन केन्द्र कर्मचारी मधु एवं संयमित व्यवहार करें। कार्यशाला में उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान श्री गढ़पाले ने उपार्जन केन्द्रों में छन्ना, पंखा, मोईचर मीटर, इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा और उपार्जन के प्रपत्र आदि 15 नवम्बर 2016 के पूर्व व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सभी उपार्जन केन्द्रों में निर्धारित शब्दावली में निर्धारित लम्बाई चौड़ाई का बेनर प्रदर्शित हो। उपार्जन केन्द्रों में एफएक्यू धान का उपार्जन किया जाये। नान एफएक्यू धान उपार्जन होने के पष्चात् वेयर हाउस में जमा होने की स्थिति में उर्पाजन कार्य समाप्ति के बाद उर्पाजन केन्द्र को वापस की जायेगी। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि उर्पाजन के दौरान अपलोड ऋणों की नियमानुसार लिकिंग सुनिश्चित की जाये। उर्पाजन केन्द्र प्रभारी लिकिंग वसूली में कोई लापरवाही अथवा शिथिलता बरतता है तो दोषी के विरूद्ध कड़ी प्रषासनिक दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने आदेश देते हुए कहा कि गठित निगरानी समितियां लगातार उर्पाजन केन्द्र में भ्रमण करें। साथ ही सुनिश्चित करें कि उर्पाजन केन्द्र में वांछित व्यवस्था के अनुरूप उर्पाजन की नियमित एफएक्यू धान की खरीदी हो। पटवारी स्थाई रूप से आवंटित उपार्जन केन्द्र में उपस्थित रहें। उन्होने एसडीएम एवं तहसीलदार को नियमित रूप से उर्पाजन केन्द्रों में भ्रमण कर भ्रमण प्रतिवेदन देने की बात कही। कार्यशाला में कलेक्टर ने नोडल अधिकारी को उर्पाजन से सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का समर्पित रूप वॉट्सएप समूह क्रियाशील करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि ग्रुप के एडमिन सहायक आयुक्त सहकारी संस्थायें हों। बारदाना गठान खोलने के बाद खराब बारदानों का पंचनामा तत्काल बनाकर जिला आपूर्ति अधिकारी एवं नान प्रबंधक को पत्र के साथ नियमित से उपार्जन केन्द्र प्रेषित करें ताकि क्षतिग्रस्त अनुपयोगी बारदानों से उपार्जन केन्द्रों को हानि न हो। क्षतिग्रस्त बारदानों का मोबाईल फोटो बनाये गये वॉट्सएप ग्रुप में नियमित रूप से केन्द्र प्रभारी अपलोड करेंगे।
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