दूसरे दिन भी गरमाया रहा आटो चालक की मौत का मामला,घटना से आक्रोशित आटो चालकों ने एनएच-7 पर किया प्रदर्शन


घंटो बाधित रहा आवागमन, पुलिस ने लाठी चार्ज कर खुलवाया जाम

कटनी। रेलवे स्टेशन क्षेत्र में शुक्रवार को आरपीएफ पुलिस की पिटाई के बाद ऑटो चालक की संदिग्ध मौत का मामला दूसरे दिन भी गरमाया रहा और भारी संख्या में लामंबद हुए आटो चालकों ने जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करते हुए प्रदर्शन किया तो वहीं मृतक के परिजनों सहित भारी संख्या में लोगों ने थाने पहुंचकर आटो चालक के साथ मारपीट कर उसे मौत के मुंह में डालने वाले आरोपी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। 

छावनी में तब्दील रही कोतवाली

घटना के विरोध में शुक्रवार शाम से हड़ताल कर रहे ऑटो चालक संघ की अगुआई में ऑटोचालकों ने शनिवार की सुबह से ही चक्कजाम कर दिया जिससे शहर का आवागमन पूरी तरह बाधित रहा तो वहीं कोतवाली परिसर छावनी में तब्दील नजर आया। गौरतलब है कि शुक्रवार की दोपहर कटनी रेलवे स्टेशन मुख्य द्वार के बाहर नो पार्किंग जोन पर ऑटो चालन को लेकर कार्रवाई की गई थी इस दौरान दस ऑटो चालकों को पकडऩे के साथ ही प्रकरण दर्ज कर जरूरी कार्रवाई के लिए थाने ले जाया गया। 

शुक्रवार को हुई थी आटो चालक की मौत

पुलिस सूत्रों के अनुसार थाने में जरूरी लिखा पढ़ी कर सभी दस ऑटो चालकों को मुचलके पर छोड़ दिया था। आरपीएफ ने जिन दस ऑटो चालकों पर कार्रवाई की उनमें से एक मो. याकूब, निवासी ईश्वरीपुरा वार्ड की दोपहर में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आरपीएफ  द्वारा कार्रवाई के नाम पर मो. याकूब की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उनकी मौत हुई। मौत के बाद ऑटो चालक आक्रोशित हो गए और भारी संख्या में एकत्र हुए लोगों ने आरपीएफ  थाना के बाहर हंगामा शुरू कर दिया था। 

दूसरे दिन भी देखने मिला आक्रोश

पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों व परिजनों को समझाईस दी गई और मामले की गंभीरता से जांच करने की बात कही गई लेकिन लोगों का आक्रोश नहीं थमा और आरपीएफ कर्मियों पर आटो चालक से मारपीट करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उधर इस पूरे मामले को लेकर आरपीएफ  कर्मियों का कहना है कि उनके द्वारा किसी भी ऑटो चालकों के साथ मारपीट नहीं की गई। मो. याकूब के मामले में दूसरे ऑटो चालक ही बता देंगे कि उनके साथ किसी प्रकार का दुव्र्यवहार नहीं किया गया, इसके अलावा थाने में सीसीटीवी कैमरे से भी कार्रवाई की जानकारी ली जा सकती है। 

तीन डॉक्टरों की टीम ने किया था पोस्टमार्टम

मामले की हकीकत तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी फिलहाल मृतक को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर तीन डॉक्टरों की पैनल ने पोस्टमार्टम किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ कोतवाली थाने पहुंची और मामला दर्ज करने की मांग करने लगी। जिसके बाद पुलिस ने मौत पर मर्ग प्रकरण दर्ज किया और मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के करने की बात कही गई। 

चक्का जाम हुई लोगों की फजीहत

इसी बीच मौके पर पहुंचे मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने भी लोगों को समझाईस दी और मामले की विधि संगत जांच कराने का आश्वासन देने के साथ ही स्वयं से 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। वहीं दूसरे दिन सुबह से ही आटो चालकों द्वारा मिशन चौक में प्रदर्शन शुरू कर दिया गया और चक्का जाम किया गया। यहां गौर करने योग्य है कि आटो चालकों द्वारा हड़ताल किए जाने से न सिर्फ शहर के लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा बल्कि दूर दराज क्षेत्रों से शहर आने वाले नौकरी पेशा वर्ग, मजदूर, छात्र-छात्राओं व मरीजों को भारी कठिनाईयों से दो चार होना पड़ा। 

पुलिस ने किया लाठी चार्ज

आटो न मिलने के कारण जहां कई लोगों ने रिक्सा चालकों को उनके द्वारा मांगी गई मुंह मांगी रकम देकर आवागमन किया तो वहीं अधिकांश लोगों को पैदल ही यात्रा करना पड़ा। और तो और गरीब परिस्थिति वाले मरीजों को भी उनके परिजन पैदल अस्पताल ले जाते नजर आए। यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रशासन द्वारा मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने में तत्परता दिखाने की बजाय लेट लतीफी की जाती रही और प्रशासन की उदासीनता का खामियाजा लोगों को परेशान होकर भुगतना पड़ा। अंतत: पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किया गया और जाम खुलवाया गया। पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज के दौरान प्रदर्शनकारी वहां से भाग निकले लेकिन उसके बाद आटो चालकों द्वारा पुलिस द्वारा की गई लाठी चार्ज की कार्रवाई का विरोध प्रारंभ कर दिया गया। 

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