कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक, डीईओ को दिये निर्देश-26 स्कूलों की मान्यता समाप्ति के जारी करें नोटिस

धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी-बीआरसी व संकुल प्राचार्य करें सतत् निगरानी
मिल-बांचे मध्यप्रदेश अभियान में पंजीयन ना कराने वाले शासकीय सेवकों के विरुद्व की जायेगी कार्यवाही
डीईओ को दिये निर्देश-26 स्कूलों की मान्यता समाप्ति के जारी करें नोटिस
कटनी (31 जनवरी)- नगर निगम के कम्युनिटी हॉल में आयोजित शिक्षा विभाग के प्रेरकों एवं प्राचार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने प्रेरकों की हौसला अफजाई कर जिले में शिक्षा अभियान को उॅंचाईयों तक पहुंचाने का आव्हान किया। स्वच्छता मिशन सहित अन्य मिशन में उन्हें निस्वार्थ कार्य करने के निर्देश दिये। आपने शासन के निर्देशों को पूरे मन से क्रियान्वित करने के प्रयासों में कोताही ना बरतने, अशिक्षितों को साक्षर करने, स्वच्छ भारत अभियान में सहयोग देने, क्षेत्रों में सतत् भ्रमण करने, मध्यान्ह भोजन मीनू और गुणवत्तानुसार वितरण होने एवं उसकी सतत् निगरानी करने, मिल-बांचे मध्यप्रदेश में 5 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन कराने सहित अन्य निर्देश प्रदान किये हैं।
धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी-बीआरसी व संकुल प्राचार्य करें सतत् निगरानी
            समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री गढ़पाले ने 594 संकुल प्राचार्यों, 157 प्राचार्यों सहित बीईओ, बीआरसी, डाईट प्राचार्य सहित अन्य को स्पष्ट कहा कि संकुल प्राचार्य अपने-अपने क्षेत्र में शिक्षा एवं अन्य गतिविधियों पर सतत् निगरानी करें। उन्होने धीमी निगरानी पर फटकार लगाते हुये कहा कि जनशिक्षक और बीआरसी क्षेत्रों में नियमित भ्रमण नहीं कर रहे हैं। क्षेत्रों का फीडबैक लेने के बाद मुझे इस बात को कहने में कोई संकोच नहीं है कि संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं। मध्यान्ह भोजन मीनू एवं गुणवत्ता अनुसार सही मात्रा में बने और अच्छे ढंग से छात्रों के बीच बंटे। विपरीत स्थिति में समूह को हटाने के साथ-साथ प्राचार्यों को निलंबित करने के साथ संकुल प्राचार्य पर भी कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
            दो-टूक बोलते हुये उन्होने कहा कि जनशिक्षक प्रेरक और संकुल प्राचार्य झूठी ग्रेडिंग देकर खुद की पीठ थपथपाने और वाह-वाही बटोरने से बचें। डी-ग्रेड में प्रकरण बढ़ना उनकी लापरवाही और लचर कार्यप्रणाली का एक हिस्सा है। इसे सुधारें। अन्यथा कार्यवाही के लिये तैयार रहें। हायर सेकेण्डरी और हाई स्कूलों के प्रयोगशालाओं को सुव्यवस्थित रखें। शिक्षकों को लैब में विद्यार्थियों के मार्गदर्शन हेतु तैनात रखें। टीचर्स अच्छे रहें। जिले में गलत नियुक्ति पाये अतिथि शिक्षकों को निकाल बाहर करें। अन्यथा बाद में जांच के दौरान विभागीय कार्यवाही के साथ-साथ प्राचार्यों को निलंबित कर उनके वेतन से अतिथि शिक्षकों को दी गई राशि काटी जायेगी।
जाति प्रमाण पत्र वेरीफिकेशन 10 फरवरी तक करें पूर्ण, अन्यथा रहें कार्यवाही के लिये तैयार
            बहोरीबंद बड़वारा के जाति प्रमाण  पत्र वेरीफिकेशन का कार्य सही ढंग से ना किये जाने पर संबंधित प्राचार्यों को कड़ी फटकार लगाते हुये 10 फरवरी तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिये। समयावधि में कार्य पूर्ण ना होने पर निलंबन परिणाम के लिये मानसिक रुप से तैयार रहने के लिये कहा। इस शैक्षणिक सत्र में शेष बचे 6613 विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र 10 फरवरी तक हर हाल में बनवाये जाकर वेरीफिकेशन का कार्य पूरा होना चाहिये।
मिल-बांचे मध्यप्रदेश अभियान में पंजीयन ना कराने वाले शासकीय सेवकों के विरुद्व की जायेगी कार्यवाही
            शासन की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना मिल-बांचे मध्यप्रदेश अभियान के लिये कम पंजीयन पर चिन्ता व्यक्त करते हुये कलेक्टर श्री गढ़पाले ने कहा कि जिलास्तरीय अधिकारी, संकुल प्राचार्य और कर्मचारी क्या सो रहे हैं। क्यों नहीं वे इस योजना में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। जो भी शासकीय सेवक ने इसमें 5 फरवरी तक पंजीयन नहीं कराया, उसके विरुद्व कार्यवाही तय है। अभी तक 1836 में से मात्र 696 लोगों ने पंजीयन कराया है। इस दिशा में संचार प्रतिनिधियों की तारीफ करते हुये उन्होने कहा कि इस अभियान में उनकी भी सहभागिता निसंदेह काबिले तारीफ है।
            निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को देखते हुये शिक्षा भवनों को बीआरसी तब तक टेकओवर ना करें, जब तक उनकी गुणवत्ता सही ना हो। गुणवत्ता सही ना होने पर मुझे भी लिखित रुप में सूचना दें। गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने की जवाबदारी रमसा व अन्य संबंधित एजेंसियों की होगी। पीआईयू की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखने की जरुरत है। दिव्यांगों का ख्याल रखते हुये कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक नवीन विद्यालय भवन अनिवार्यतः रैम्प बनाया जाये। बिना रैम्प के कोई भी भवन निर्माण का कार्य अधूरा होगा। सक्षम छात्रावास में भी रैम्प निर्माण के आदेश दिये।
स्वास्थ्य परीक्षण व आधार कौम्पों के लाभ से कोई भी छात्र ना रहे वंचित
            16 फरवरी से जिले में लगने वाले स्वास्थ्य परीक्षण कैम्पों में दिव्यांग बच्चों का परीक्षण कराने के लिये भी संकुल प्राचार्यों, बीआरसी को निर्देश दिये। आपने कहा कि प्रत्येक शिविरों में आस-पास के विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्यतः कराया जाना सुनिश्चित करें। इसके बाद यदि कोई बच्चा स्वास्थ्य परीक्षण से छूटता है, तो संबंधित प्राचार्य के व्यय से जबलपुर भेजकर छात्र का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जायेगा। जिले में आधार कैम्प भी लगाये जायेंगे। 28 फरवरी तक सभी के आधार बनाया जाना सुनिश्चित करें। कोई भी छात्र आधार से वंचित ना रहे। आधार कार्य समाप्त होने के बाद कोई नोटिस ना दिया जाकर सीधे कार्यवाही की जायेगी।
            10 फरवरी तक सभी कार्यों का अपग्रेडेशन एवं जाति प्रमाण पत्रों का वेरीफिकेशन कर लिया जाये। ऑनलाईन सत्यापन की प्रगति धीमी होने पर संकुल प्राचार्यों को भी फटकार लगाई।
            बालिका छात्रावासों में नियमित भ्रमण और सतत निगरानी किये जाने के भी निर्देश दिये। छात्रावासों में कोई कमी पाये जाने पर संबंधित के विरुद्व कार्यवाही होगी। बालिका छात्रावासों में कोई भी पुरुषकर्मी ना रखा जाये। हर छात्रावास में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन संबंधित क्षेत्र के बीएमओ के माध्यम से कराया जायेगा।
आरटीई के तहत प्रवेश ना देने से कलेक्टर ने जताई नाराजगी
डीईओ को दिये निर्देश-26 स्कूलों की मान्यता समाप्ति के जारी करें नोटिस
            कलेक्टर ने बेहद कड़ा कदम उठाते हुये आरटीआई के तहत स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश एवं शिक्षा दिये जाने योजना कियान्वयन में फिसड्डी रहने पर जिले के 26 प्रमुख स्कूलों के संचालकों/प्राचार्यों को स्कूलो की मान्यता समाप्ति के नोटिस जारी करने जिला शिक्षा अधिकारी एस0एन0 पाण्डे को निर्देश दिये। उन्होने कहा कि शासन निर्देशों की अवहेलना कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस संबंध में कड़ी कार्यवाही करना जरुरी है। शाला सिद्धी प्रशिक्षण, कहानी उत्सव कार्यों की भी समीक्षा की।
            साक्षर अभियान की समीक्षा के दौरान उन्होने प्राचार्यों एवं प्रेरकों के समक्ष यह स्पष्ट कर दिया कि प्रत्येक ट्रेनिंग को सभी को अच्छे से अटेंड कर दिये गये प्रशिक्षण को अंगीकार किया जाना जरुरी होगा। जो भी बंक मारेगा, उसे निलंबित किया जायेगा। वैद्य अनुमति लेकर अवकाश पर जाने वालों को अवकाश से लौटने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त करना जरुरी होगा। विजयराघवगढ़, बड़वारा क्षेत्र में सतत् मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिये। कटनी में डी-ग्रेड पर चिन्ता जाहिर करते हुये आपने कहा या तो मॉनीटरिंग अच्छी नहीं हो रही है, या टीचर अच्छा नहीं पढ़ा रहे हैं। बच्चों का रिजल्ट कैसे सुधरेगा, मुझे इस बात की चिन्ता है। जो भी अच्छा नहीं पढ़ा रहा है, उसे बाहर निकाल दो नौकरी से और अच्छे शिक्षक को लगा दो।
            संकुल प्राचार्यों, प्रेरकों को स्वच्छ भारत अभियान में उनकी अहम भूमिका से अवगत कराते हुये कहा कि आप सब का इस देश के नव निर्माण में अहम योगदान है। बच्चों को शैक्षणिक स्तर पर अच्छी शिक्षा देकर देश का भविष्य आप संवार सकते हैं। बच्चों को शिक्षित के साथ संस्कारित करना भी आपकी जवाबदारी है। आप देश को अच्छा नागरिक, अच्छा प्रशासन, कुशल वैज्ञानिक, अच्छा नेता दे सकते हैं। अपने प्रति सेल्फ रिस्पेक्ट को बढ़ायें। आप खुद तय करें कि मन से पढ़ाना सही है। भारत निर्माण पर ध्यान देवें।
            प्रेरकों को आव्हान किया कि स्वच्छ भारत अभियान में अपने ग्रांव वासियों को शिक्षित के साथ संस्कारिक करें। रोज सुबह की रोका-टोकी खतम हो। गांव स्वच्छ रहेगा, तो सब स्वस्थ रहेंगे। प्रेरकों के कामों की समीक्षा करते हुये उन्होने डीपीसी, डीईओ को निर्देशित किया कि वे सभी की मॉनीटरिंग कर बुनियादी लक्ष्य का कैलेंडर तैयार करें। प्रत्येक 15 दिवस में कामों का रिव्यू करें। जो प्रेरक खराब कार्य कर रहे हों, उन्हें बाहर करें। आगामी 27 मार्च तक शेष बचे 60 प्रतिशत निरक्षरों को साक्षर करने एवं शेष अन्य 40 प्रतिशत निरक्षरों को अगस्त 2017 तक हर हाल में साक्षर करने के लक्ष्य को पाना प्रेरकों को जरुरी है।
            जनशिक्षक, बीआरसी प्रेरकों के कामों की निगरानी निरंतर करें। प्रेरकों पर बहुत बड़ा भार है। इसे जिम्मेदारी से निभायें। जागरुकता फैलायें। साईलेंट मुहिम चलाकर जिले को साक्षर बनायें। अभियान में सहयोग दें। जो काम नहीं करना चाहते हैं, वे बाहर हो जायें। शेष लोग पूरी शिद्दत से काम करें। आंगनबाडी एवं आशाकार्यकर्ताओं का भी सहयोग लें। डीपीसी को सभी प्रेरकों के आईडेंडिटी कार्ड जारी करने के निर्देश दिये। फरवरी में विकासखण्ड स्तर ट्रेनिंग में सभी प्रेरकों को ट्रेनिंग लेने के लिये निर्देश दिया। किसी भी समस्या के निदान हेतु हेल्पलाईन नंबर 07622-227680 पर संपर्क करने कहा। कलेक्टर ने प्रेरकों का आव्हान करते हुये कहा कि आप समाज व लोगों के लिये एक आदर्श बनें और उन्हें समुचित प्रेरणा दें। क्योंकि आपने ये रास्ता स्वेच्छा से चुना है। तभी आप वास्तविक प्रेरक कहलायेंगे। लोग आपको सराहेंगे और बरसों याद रखेंगे।
            बोर्ड परीक्षओं में किसी भी स्तर पर नकल ना होने पाये। पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। परीक्षा के समय स्कूल परिसर में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहे। प्री-बोर्ड जैसा टेस्ट लेकर छात्रों को प्रशिक्षित करें।
            समीक्षा बैठक के प्रारंभ में एसीसी कैमोर के प्रतिनिधियों विक्रम शर्मा व प्रणय द्वारा कंपनी की तरफ से जिले के मेधावी छात्रों के लिये शुरु की गई विद्यासारर्थी स्कॉलरशिप योजना की विस्तृत जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गई। जिसमें 4 चरणों में 50 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दिये जाने के लिये एनएसडीएल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन करने की जानकारी दी गई।

            कलेक्टर श्री गढ़पाले द्वारा एसीसी के प्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुये कहा कि जिले के मेधावी छात्रों के लिये इस स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से कंपनी ने अच्छी पहल की है। प्राचार्य एवं बीईओ जरुरतमंद छात्रों को स्कॉलरशिप दिलाने हेतु आंगे आयें। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद पाण्डे एवं डीपीसी आर0एस0 गौतम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।


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