10 दिनों में एसबीएम पोर्टल पर फोटोग्राफ अपलोड नहीं, तो सीईओ जनपदों की रुकेगी वेतन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिये निर्देश



कटनी (22 फरवरी)- जब हमें जनपद से कार्य कराना है, हम जनपद से काम की अपेक्षा रखते हैं, तो जिला पंचायत को उनसे ज्यादा काम करना होगा। अभी काम नहीं करने वाले सचिव, रोजगार सहायकों, उपयंत्रियों पर कार्यवाही हो रही है। यदि व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली में सुधार नहीं आया, तो अगले राउंड पर वरिष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही होगी। यह सख्त व स्पष्ट निर्देश बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने दिये। उन्होने कहा कि सीईओ जनपद, आप स्वतंत्र हैं। महज कलेक्टर के बताने पर ही ना चेतें। स्वयं स्वविवेक से कार्य करें। यदि अब विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लेटलतीफी हुई, तो आप पर कार्यवाही होगी। इसलिये मॉनीटरिंग भी मुस्तैदी के साथ करें। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत डॉ0 के0डी0 त्रिपाठी भी मॉजूद रहे।
परियोजना अधिकारी जनपदों में बैठ रहे हैं, तो परिणाम भी आये
            कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने दो-टूक लहजे में कहा कि, यदि परियोजना अधिकारी जाकर जनपद पंचायतों में बैठ रहे हैं, तो उसके सार्थक परिणाम भी आने चाहिये। महज उनका विजिट औपचारिकता ना बने। मौके पर जायें, तो असर दिखना चाहिये, कार्य में गति आनी चाहिये।
6 माह से कार्य नहीं करने वाले रोजगार सहायकों, सचिवों पर करें सख्त कार्यवाही
            कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने सीईओ जिला पंचायत को गत 6 माह से कार्य में कोताही बरतने वाले और मनरेगा के तहत कार्य भी प्रारंभ ना करने वाले रोजगार सहायकों और सचिवों के विरुद्व कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जो रोजगार सहायक काम नहीं कर रहे है। जिनकी पंचायतों में कार्य प्रारंभ नहीं है, उन जीआरएस को नौकरी से बर्खास्त करने की कार्यवाही करें। वहीं एैसे सचिवों को भी निलंबित कर उनकी विभागीय जांच कर सेवा से बर्खास्तगी की कार्यवाही की जाये। पुअर परफॉर्मेंस वाले सचिवों और जीआरएस को छोड़ना कहीं से भी उचित नहीं है। उनके कारण जिले की प्रगति प्रभावित हो रही है।
10 दिनों में एसबीएम पोर्टल पर फोटोग्राफ अपलोड नहीं, तो सीईओ जनपदों की रुकेगी वेतन
            ग्रामीण विकास विभाग की बैठक में जनपद पंचायतवार स्वच्छ भारत मिशन की भी समीक्षा कलेक्टर ने की। उन्होने डैडलाईन देते हुये कहा कि जिन शौचालयों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उनके फोटो 10 दिनों के भीतर एसबीएम के पोर्टल पर अपलोड करायें। निर्धारित मियाद में फोटो अपलोड नहीं कराने वाले सीईओ जनपदों की अब वेतन कार्य समाप्ति तक रोकी जायेगी। गौरतलब है कि ब्लॉक समन्वयकों पर भी कार्यवाही करते हुये कार्य पूर्ण होने तक उनकी वेतन रोकी गई है।
408 ग्राम पंचायतों की मैं निगरानी करुॅंगा, तो आप क्या करोगे ?
            बैठक में कठोर शब्दों में अपनी-अपनी जनपदों की बारीकी से मॉनीटरिंग करने के निर्देश कलेक्टर ने सीईओ जनपदों को दिये। उन्होने कहा कि यदि जिले के सभी विभागों के साथ-साथ 408 ग्राम पंचायतों की मॉनीटरिंग भी मैं ही करुॅंगा, तो सीईओ जनपद क्या कर रहे हैं। आप लोगों की भी कुछ जिम्मेदारी है या नहीं। अपने पदीय दायित्वों को समझें। अन्यथा अनुशासनात्मक कार्यवाही से आप भी नहीं बचेंगे।
मनरेगा के पेंडिंग भुगतान पर पीओ मनरेगा की वेतन रोकने के दिये निर्देश
            मनरेगा के कार्यों की समीक्षा भी ग्रामीण विकास विभाग की बैठक में की गई। इस दौरान जिन जनपद पंचायतों में मनरेगा की राशि अब तक पेंडिंग है और भुगतान नहीं हुआ है। उसकी जानकारी कलेक्टर ने ली। उन्होने सीईओ जिला पंचायत को पीओ मनरेगा का वेतन तब तक रोकने के निर्देश दिये। जब तक कि मनरेगा की पेंडिंग राशि का भुगतान ना हो जाये।
मोबाईल एप तैयार है, सभी अधिकारी उसका करें उपयोग
            बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड मॉनीटरिंग के लिये मोबाईल एप तैयार है। उसका उपयोग करना शुरु कर दें। माह मार्च से इसमें उपस्थिति दर्ज होने पर ही वेतन आहरित किया जायेगा। ग्राम पंचायतों के सचिवों की उपस्थिति भी इसी में दर्ज होगी। इस एप का उपयोग करना सभी अधिकारी, कर्मचारी प्रारंभ करें।
सीईओ जनपद दें ध्यान
            महात्मा गांधी नरेगा में आधार सीडिंग, तालाब निर्माण कार्य, शांति धाम के कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि महात्मा गांधी श्रमिक काम पर रहते हैं, तो उनकी हाजिरी प्रतिदिन दर्ज की जाये। इसकों एमआईएस में दर्ज करें। इसकी मॉनीटरिंग जनपद पंचायत के सीईओ करें। जनपद पंचायत के सीईओ का दायित्व है कि निर्माण कार्यों के लिये स्थान का चयन किया जाये। कहीं दिक्कत या परेशानी आ रही है, तो उसका निराकरण करायें।
यह भी दिये निर्देश
  • आधे-अधूरे जवाब प्रस्तुत कर शिकायतों का निराकरण ना करायें और सभी का समय खराब ना करें। जनपद पंचायत के सीईओ भी शिकायतों के निराकरण में ध्यान दें और समय-सीमा में निराकरण करायें।
  • वहीं वॉटर शेड की फाईलें बैठक के एक दिन पूर्व आने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कलेक्टर ने कहा कि एैसे काम नहीं चलेगा। फाईलें प्रस्तुत करने में विलंब ना हो।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की स्वीकृति जो शेष हैं, उन्हें तत्काल पूर्ण कराया जाये और आवास निर्माण के कार्य प्रारंभ हों, इसकी मॉनीटरिंग की जाये।
  • स्वरोजगार योजनांतर्गत बैंकों में प्र्रस्तुत प्रकरणों की समीक्षा भी बैठक में कलेक्टर ने की। उन्होने कहा कि पीओ एनआरएलएम इस वित्तीय वर्ष में ही दोना पत्तल निर्माण यूनिट के प्रकरण तैयार करें। साथ ही मॉनीटरिंग प्रारंभ करें। जिन ब्रांचों में केस लगे हुये हैं और उनका वितरण नहीं हो रहा है। उन ब्रांचों में जाकर शाखा प्रबंधकों से संपर्क कर उनका वितरण करायें।
  • इसके साथ ही सभी सीईओ जनपदों को मुख्यमंत्री आवास में तेजी से कार्य करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। उन्होने कहा कि पीसीओ के भरोसे न बैठें। स्वयं फील्ड में उतर कर कार्य करें।
  • बैठक में अनुपस्थित रहने पर सहायक यंत्री विजयराघवगढ़ को एक दिन का अवैतनिक करने के निर्देश भी कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने दिये।

            इस दौरान कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अनूप मिश्रा और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गौरव पुष्प सहित ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थिति थे।


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