ग्राम सर्रा में महिलाओं का दिया गया मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण, कचरे से कंचन बनाने की विधि है मशरुम का उत्पादन

कटनी (12 फरवरी)- कटनी किसान अभिरूचि प्रोड्यूसर कंपनी एवं कृषि विस्तार सुधारक कार्यक्रम के संयुक्त तत्वाधान में आदिवासी ग्राम सर्रा में 3दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो कि शनिवार को संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम की प्रजातियां उगाने की विधि व मशरूम से बनने वाले व्यंजन, उत्पादन के समय आवश्यक सावधानी व रखरखाव की दक्षता की सम्पूर्ण जानकारी, स्थल व उत्पादान के लिये चिन्हित शेड पर दी गई। प्रशिक्षण देने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त विक्रम मशरूम सिलपटी जिला बैतूल के संचालक रामकिशोर कहार ग्राम सर्रा पहुंचे। यहां पर उन्होने इस दिशा में ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दिया। साथ ही ग्राम में प्रशिक्षित महिलाओं के लिये शेड में जाकर मशरूम की खेती का पूरा सेटअप तैयार कर व्यस्थित तरीके से व्यवहारिक जानकारी भी दी। ग्राम सर्रा में 20महिलाओं द्वारा दो शेड में मशरूम की थैली, पैंकिंग, बीज रोपण व स्थल पर व्यवस्थित रखरखाव आदि की सावधानी बताते हुये व्यवहारिक प्रयोग भी कराया गया। जिसका उत्पादन लगभग 25दिन में होना प्रारंभ हो जायेगा।
काबिले गौर है देश की बढ़ती आबादी व घटता कृषि रकवा की पूर्ति के लिये मशरूम बतौर सब्जी व खाद्य सामग्री एक अच्छा विकल्प है। इसकी खेती घर के अन्दर बंद कमरे में एक पैकेट की छोटी इकाई से लेकर व्यापक स्तर पर की जा सकती है। अनुपयोगी खाली पड़े घर गोदाम का उपयोग इसके उत्पादन में किया जा सकता है। कृषि के अनुपयोगी तत्व भूषा, डन्ठल, पुवाल, पैरा का उपयोग कर मशरूम की बेहतर फसल ली जा सकती है। यदि दो शब्दों में कहे कचरे से कंचन बनाने की यह विधि है।
इसके अलावा कृषि मशरूम में औषधी गुण भी हैं जो की एक पूर्ण पोषण आहार भी माना जाता है। कोलेस्ट्राल फ्री होता है हार्ट, मोटापा, रक्तचाप के मरीजों  के लिये एक अच्छा आहार है साथ ही शुगर फ्री होता है। देश का एक तबका जो शहर की बहुमंजली इमारत में रहा है ऐसे लोग गमले में सब्जी उत्पादन करने के लिये लालायित रहते हैं एसे में मशरूम घर के अन्दर एक कोने में लटकाकर सब्जी के विकल्प व घर की खेती या घर में सब्जी उत्पादन करने का शौक भी लोग आसानी से पूर्ण कर सकते हैं।

इसकी खेती में मौसम की मार का कोई खतरा नहीं रहता। क्योंकि इसकी खेती बंद कमरे में होती है। कीट ब्याधि का कोई भी प्रकोप भी नहीं होता है। यह बातें प्रशिक्षण के दौरान विक्रम मशरूम सिलपटी बैतूल के संचालक रामकिशोर कहार द्वारा बताई गई। उनके द्वारा कटनी विकासखण्ड ग्राम सर्रा में 3दिवसीय प्रशिक्षण देकर मशरूम के गुणधर्म प्रजाति व व्यवसायिक उत्पादन पर वृहत जानकारी दी गई। साथ ही स्थल पर मशरूम के उत्पादन की सम्पूर्ण विधि का प्रैक्टिकल कराकर इकाई का शुभारंभ किया गया।


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