विधानसभा की लोकलेखा समिति एवं प्राक्कलन समिति ने किया नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई जा रही टनल का निरीक्षण

श्रमिकों एवं कृषकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर कार्य में लायें तेजी
किसान हितैषी इस प्रोजेक्ट को शीघ्र करें पूर्ण, 6 माह बाद समिति द्वारा पुनः किया जायेगा निरीक्षण
कटनी (13 फरवरी)- जबलपुर, कटनी एवं सतना सहित अन्य जिलों के कृषकों के लिये अति महत्वपूर्ण एवं जीवनदायिनी कार्ययोजना को शीघ्रता से मूर्त रुप प्रदान कर कृषकों को लाभांवित करायें। इस टनल के बन जाने से कृषकों को 12 माह के लिये सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध होगा और वे उन्नत खेती कर अपना एवं गांव का विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट में आने वाली स्थानीय व अन्य समस्याओं को जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी रुचि लेकर दूर करायें और कार्य को द्रुत गति से पूर्ण करायें।
             इस आशय के निर्देश आज स्थानीय उमरियापान के नजदीक प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही भूमिगत टनल के कार्य के निरीक्षण के दौरान विधानसभा की लोकलेखा समिति एवं प्राक्कलन समिति के सभापति द्वारा नर्मदा घाटी प्राधिकरण के वरिष्ट अधिकारियों को प्रदान किये। समिति ने कलेक्टर को भी निर्देशित करते हुये कहा कि भूमि अथवा अन्य समस्याओं को जिला प्रशासन त्वरित रुप से निपटाये। जिससे कार्य की गति तीव्रतम हो सके।
            टनल निर्माण के लिये स्थापित प्रत्येक विंगों का निरीक्षण करते हुये समिति ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान सभापति एवं सदस्यों ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुये कहा कि किसानों के खेतों में पानी पहुंचाना एवं उन्नत खेती के लिये कृषकों को सुविधा प्रदान करना इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्वेश्य है। इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने पर स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे। किसानों की खुशहाली के लिये यह प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूर्ण कराना लाजमी होगा। विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि अभी तक 1700 मीटर से अधिक टनल का कार्य एक सिरे से पूर्ण हो चुका है। कट एण्ड कवर का कार्य लगभग 45 प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है। 30 जून 2018 तक समय सीमा निर्धारित की गई है।
             लोकलेखा समिति के सभापति श्री गिरीश गौतम एवं प्राक्कलन समिति के सभापति महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होने निर्देशित किया कि इस कार्य में अब और विलंब बर्दाश्त नहीं होगा। शेष बचे कार्य को तय समय सीमा में पूर्ण कराना प्राथमिकता है। कंपनी जो भी कार्य करे, उसमें उच्च गुणवत्तायुक्त कार्य हो, यह पूर्णतः सुनिश्चित किया जाये। निरंतर इसकी मॉनीटरिंग जिला प्रशासन एवं नर्मदा घाटी प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों द्वारा की जाये।
            किसानों के लिये अमृतमयी इस प्रोजेक्ट को महत्वपूर्ण निरुपित करते हुये आपने कहा कि इस योजना के पूर्ण होने से लगभग 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। कृषकों को समय पर योजना से लाभांवित कराये जाने के लिये यह आवश्यक है कि हमें समुचित प्रयास कर समय पर प्रोजेक्ट को पूर्ण कराना चाहिये।
             समिति ने स्थानीय श्रमिकों की समस्याओं पर भी गौर फरमाते हुये कहा कि प्रत्येक कर्मचारी का पीएफ कटे, समय पर उनकी मजदूरी का भुगतान हो। किसी भी समय की मजदूरी बकाया ना रहे। पुराने विवादों का निराकरण हो। इस बात को सुनिश्चित करने की जवाबदारी विभाग के अधिकारियों की होगी और वे बाद में अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं पायेंगे। समिति द्वारा 6 माह बाद पुनः इस योजना के कार्यों का निरीक्षण एवं समीक्षा की जायेगी। उस दौरान यदि दिये गये निर्देशों के पालन संबंधी कोई शिकायत आती है, तो उसकी समस्त जवाबदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
            खिरहनी कास्टिंग यूनिट में ध्वनि प्रदूषण रोकने, शासन के निर्देशानुसार आवश्यक उपकरण लगाये जायें। मजदूरों को समुचित सुरक्षा उपकरण मुहैया करायें। कास्टिंग यूनिट में होने वाले तेज शोर (ध्वनि प्रदूषण) से बचाव के लिये आवश्यक कार्यवाही करें। प्रत्येक माह विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर प्रत्येक मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर आवश्यक दवाईयां उपलब्ध कराई जायें। कलेक्टर, चीफ इंजीनियर एवं अधीक्षण यंत्री, इन सब पर निगरानी रखते हुये कार्य में तेजी लायें। कलेक्टर को निर्देशित करते हुये कहा कि भविष्य में भू-अर्जन के मामलों की जनसुनवाई के दौरान संबंधित क्षेत्रों के विधायकों को भी शामिल करें। जिससे कार्य आसान होगा एवं शासन को सहयोग देते हुये कृषकों को बेहतर ढ़ंग से वे समझाईश दे सकेंगे।
            बैठक के दौरान लोकलेखा समिति अध्यक्ष द्वारा प्रोजेक्ट से संबंधित ऑडिट आपत्ति की जानकारी देते हुये अधिकारियों से स्पष्टीकरण चाहा। आपने योजना से संबंधित ज्यूलॉजिकल सर्वे से संबंधित रिपोर्ट मांगी। योजना के काम में हुये अनावश्यक विलंब पर फटकार लगाई। उन्होने कहा कि यह योजना प्रारंभ होते समय कितना स्टीमेट था। योजना पूर्ण होने के पूर्व अब तक कितना स्टीमेट बढ़ा है। कॉस्ट बढ़ने का कारण क्या है, सहित अन्य तकनीकी जानकारियां भी अधिकारियों से प्राप्त की। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यह पूरी बरगी व्यपवर्तन नर्मदा घाटी दायींतट नहर की कुल लंबाई 197 किलोमीटर है। जिसमें 84 किलो मीटर जबलपुर जिले, 73 किलोमीटर कटनी जिले एवं 40 किलोमीटर सतना जिले में नहर बनाई जानी है।

            खिरहनी में कास्टिंग यूनिट का लाईव डिमांस्ट्रेशन समिति द्वारा देखा गया। समिति में विधायकगण श्री ओंकार मरकाम, श्री जसवंत सिंह हाडा, श्री अरुण बीमावद, श्री लाखन सिंह यादव, कलेक्टर श्री विशेष गढ़पाले सहित नर्मदा घाटी प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। प्रारंभ में समिति ने प्रातः 10.30 बजे सबसे पहले टनल में जाकर कराये गये कार्यों एवं तकनीकी स्थल का निरीक्षण किया। कार्य किस रफ्तार से चल रहा है एवं तकनीकी जानकारी हासिल की। उसके बाद कार्य में तेजी लाने बैठक ली।


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