औपचारिकताओं तक सीमित रह गई अमृत योजना दौड़ाए जा रहे कागजी घोड़े

कटनी। जिले में अमृत योजना को मूर्त रूप देने के लिए कागजी कोरम तो पूरा कर लिया गया लेकिन अभी तक योजना का वजूद नजर नहीं आ रहा है। डेढ़ वर्षों से कुछ प्रोजेक्टों की कागजी औपचारिकता निभाई जा रही है जबकि अभी भी इस योजना के अमृत का स्वाद शहर वासियों को नहीं मिल सका है। जानकारी अनुसार 135 करोड़ की योजना के दो प्रमुख प्रोजेक्ट अभी फाइलों में ही है। 
आश्वासनों में सिमटी योजना
गौरतलब है कि शहर में 135 करोड़ की अमृत योजना चल रही है जिसमें कुछ प्रोजेक्ट तो तेजी से चल रहे हैं लेकिन कुछ प्रोजेक्ट कछुआ चाल चल रहे हैं इसमें ग्रीनरी और सिटी बस ट्रांसपोर्ट योजना है। दो लाख की आबादी वाले शहर में विभिन्न रूटों पर सिटी बसें चलाई जाना है, लेकिन अभी इस 15 करोड़ की इस योजना में आश्वासन ही हाथ लगे हैं। ऐसा ही कुछ हाल ग्रीन बेल्ट बढ़ाने के लिए 2 करोड़ का बजट है लेकिन कोई काम नहीं हुआ। 
न सिटी बस चली, न ग्रीन हुआ शहर
बैठकों में बीते 18 माह बीत चुके हैं परंतु अभी तक शहर में न सिटी बस देखने को मिल रही है न ही शहर ग्रीन हो पाया है। हालांकि नगर निगम द्वारा करीब चार महीनों में शहर में सिटी बस दौड़ाने का दावा किया जा रहा है लेकिन सालों से इन दावों को खोखला ही देखा गया है। अमृत सिटी योजना में शहर की दिशा और दशा बदलने का दावा डेढ़ साल पहले किया गया था जबकि अभी कागजी घोड़े ही दौड़ रहे हैं। 
पार्कों को बेहतर बनाने कवायद शुरू
केंद्र सरकार की अमृत सिटी योजना में पेयजल, सीवेज, ट्रांसपोर्ट और पार्क पर फोकस किया जाना था लेकिन नगर निगम ने इनमें से केवल सीवेज, ट्रांसपोर्ट और पार्क का प्लॉन बनाया गया था। पार्क में हरी घास लगाने के साथ ही पौधरोपण करने, इंटरलाकिंग पेवर ब्लॉक लगाने, चारदीवारी बनाने का काम भी शामिल है। इसका कार्य भी शुरु हो गया है जिसके लिए विशेषज्ञों का दल हाल ही में कटनी आया है। शहर के प्रमुख पार्कों जागृति पार्क, सुरम्य पार्क सहित करीब 17 स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां पर कार्य किया जा रहा है।
19 करोड़ से होगी वाटर सप्लाई
बजट में बताया गया कि अमृत योजना के अंतर्गत वर्ष 2015.16 से 19.20 तक 135 करोड़ की योजना मप्र शासन के माध्यम से केंद्रीय शासन द्वारा स्वीकृत की गई है। इसमें वाटर सप्लाई के लिए 19 करोड़, सीवरेज सेफटेड के लिए 98 करोड़, अर्बन टांस्पोर्ट सिटी बस योजना के लिए 15 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं।

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