मामा के राज में भांजी गायब, पुलिस मौन? पीछे कौन?

मिट्टीे के तेल में डूबी माँ ने किया  आत्मदाह का प्रयास, सैकड़ो खड़े रहे तमाशबीन

कटनी। एक तरफ जहां प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पंडित दीनदयाल उपाध्याय  सिद्धांतो को समूचे प्रदेश में अमली जमा पहनाने में जुटे है तो वही कटनी पुलिस प्रशासन उनकी मंशा को तार-तार करने में जुटा हुआ है। समाज शोषित एवं गरीब वर्ग के उत्थान के लिए सीएम द्वारा चलाये जा रहे सुशासन अभियान को पलीता लगाकर दागदार और शर्मनाक बनाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहे है। जिसका जीता जगता उदाहरण देखने को मिल रहा है। 
प्रशासन और पुलिस प्रशासन के दोहरे मापदंडो कारण जनता और प्रशासन के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है कभी-कभी ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है कि पीड़ित अपने जीवन को समाप्त करने तक की ठान  लेते है। ऐसी ही स्थिति उस वक्त निर्मित हो गई जब आशालता मौर्य नाम की एक महिला कटनी कलेक्ट्रेट के सामने अपनी इहलीला समाप्त करने की ठान ली। बताया जाता है कि माधवनगर थानांतर्गत निवार चौकी क्षेत्र में निवासरत महिला आशालता मौर्य की नाबालिग पुत्री को प्यारे लाल गुप्ता नाम का एक युवक भगाकर ले गया।  जिसके बाद से आज तक उसकी पुत्री आजतक वापस नहीं आई। काफी खोजबीन करने के बाद  भी जब नहीं मिली तो मामला पुलिस के पास पहुंच गया। आखिरकार ज्यादातर मामलो की तरह ही इस मामले को भी फाइल के बोझ के नीचे धूल खाने के लिए दबा दिया। 
तांत्रिक था आरोपी
पीड़ित महिला ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी गुप्तेश्वर गुप्ता के दुकान में काम करता था और तांत्रिक का काम करता था। महिला का हमेशा सरदर्द होता था कई डॉक्टर को दिखाने के बाद भी जब आराम नहीं मिला तो महिला ने उक्त तांत्रिक की मदद ली। जिसके बाद तांत्रिक ने महिला के घर पर 4 माह तक पूजा करने के लिए कहा था। तांत्रिक की बात को स्वीकार कर महिला ने पूजा के लिए तांत्रिक प्यारे लाल गुप्ता को अपने घर पर पूजा के लिए बुलाने लगी। इसी का फायदा उठाकर तांत्रिक पीड़ित महिला की पुत्री को बरगलाकर भगा ले गया। हालांकि बहलाफुसलाकर ले जाने के बाद पुत्री की काफी खोज खबर ली गई परन्तु आज तक पुत्री का कोई पता नहीं चला। वही महिला द्वारा पुलिस के पास जाकर कई बार विनती की लेकिन पुलिस से आजतक कोई मदद नहीं मिलने के कारण महिला ने आत्महत्या कर अपने जीवन को समाप्त करने की ठान ली और आज कलेक्ट्रेट के सामने केरोसिन का तेल अपने शरीर में डालकर आत्महत्या करने के लिए पहुँच गई, लेकिन प्रशासन को इस बात पहले से ही पता था इस कारण महिला को समय रहे बचा लिया गया। माधवनगर पुलिस कलेक्ट्रेट गेट के सामने से पकड़कर माधवनगर थाने ले गई और आवश्यक कार्यवाही में जुट गई। 
जिन्दा भी है?या फिर या बेच दी गई?
4 माह गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने पीड़ित महिला की अर्जी पर ध्यान नहीं दिया। सवाल ये उठता है कि आखिरकार अगवा की गई महिला की पुत्री कहा गई। ऐसी कई आशंकाओ को मद्देनजर रखते हुए कई लोगो ने दबी जुबान से कहते नजर आये कि कही नाबालिग लड़की को मार तो नहीं दिया गया? या फिर कही देहव्यापार के लिए कही बेंच तो नहीं दिया गया है?
पुलिस ने बदलवाये कपडे
पीड़ित महिला आत्मदाह करने के लिए अपने कपड़ो पर केरोसिन डालकर कलेक्ट्रेट पहुंची थी और पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास तो किया,लेकिन पुलिस ने इस प्रयास को असफल करते हुए महिला को माधवनगर थाने ले गई जहां उसके कपड़े बदलवाने के बाद उसे एसडीएम न्यायालय में पेश कर दिया। 
इनका कहना है-
सूचना ना मिली थी कलेक्ट्रेट में महिला आशालता मौर्य आत्मदाह का प्रयास कर रही है जिसके बाद हम तत्काल कलेक्ट्रेट पहुंचे, महिला को गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायलय में पेश किया। महिला की शिकायत पर पुलिस लड़की को खोजने का प्रयास कर रही है। 
-सीएल पटेल, थानाप्रभारी  माधवनगर, कटनी 






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