खनिज, कृषि व खाद्य प्रसंस्करण और रक्षा के क्षेत्र में संभावनाओं पर आयोजित हुये सेशन, उद्यमियों को विशेषज्ञों ने दी जानकारी, जिज्ञासाओं का किया निराकरण


कटनी (8 अप्रैल)- इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में अलग-अलग तीन सत्र आयोजित हुये। इसमें खनिज और खनन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण व रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के पेनल ने अपनी अपनी बात रखी। साथ ही इन क्षेत्रों में क्या औद्योगिक विकास की संभावनायें हैं, उस पर प्रकाश डाला। वहीं बी2बी मीटिंग्स भी आयोजित हुई। जिसमें स्थानीय उद्योपतियों ने बाहर से आये उद्योपतियों से औद्योगिक विकास के विषय पर चर्चा की।
             खनिज और खनन विषय पर आयोजित सेशन में उद्योगपतियों को जिले में उपलब्ध मिनिरल एवं माईनिंग सेक्टर से संबंधित संसाधनों पर आधारित उद्योगों के संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
            उद्यमियों को खनिज सचिव श्री मनोहर लाल दुबे, संचालक खनिज एवं भौमिकी विनीत कुमार ऑस्टीन, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के संचालक एल0एल0 विश्वकर्मा तथा बीएचईएल के एडिशनल जनरल मैनेजर प्रभाकर दास ने मिनिरल एवं माईंस बेस्ड आधारित उद्योग स्थापना तथा लीज लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
            सेमिनार में खनिज सचिव श्री दुबे ने बताया कि सभी प्रकार के मिनिरल की माईनिंग ऑक्शन से आवंटित होगी। इसके लिये ऑनलाईन और पूरी पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होने बताया कि माईनर मिनिरल एक्सप्लोरेशन के दौरान यदि कोई मेजर मिनिरल मिलता है और जियोलॉजिस्ट राज्य सरकार को इसकी सूचना देता है, तो उस जियोलॉजिस्ट को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। खनिज सचिव ने उद्यमियों को प्राईवेट लैंड में माईनिंग की भी विस्तृत जानकारी दी। सत्र शुभारंभ के पूर्व पावरप्वॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कटनी जिले में उपलब्ध खनिजों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद सेशन के अंत में उद्यमियों के प्रश्नों जवाब भी दिये।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में संभावनाओं पर सत्र आयोजित हुआ। जिसमें श्री सत्यानंद आयुक्त सह निदेशक उद्यानिकी मध्यप्रदेश शासन, श्री हेमंत अमृते हेड क्रेडिट प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी), श्री एम0एस0 विर्दी निदेशक (सेवानिवृत्त) पॉली टेक्नोलॉजी ट्रान्सफर सेंटर, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद् ने विस्तार से जानकारी उद्यमियों को दी। साथ ही मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इस क्षेत्र में यूनिट स्टेबलिश करने में दिये जाने वाले सहयोग और अन्य सुविधाओं की जानकारी दी गई। श्री विर्दी ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में बहुत संभावनायें हैं। पूरे प्रॉडक्शन का महज एक प्रतिशत ही फूड प्रोसेसिंग की जा रही है। इसलिये यदि फूड प्रोसेस करने के बाद उत्पाद बेचा जाये, तो उसके अच्छे दाम प्राप्त हो सकते हैं। दाल मिल और राईस मिल के लिये राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले अनुदान की जानकारी भी इस सेशन में दी गई।

रक्षा क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर आयोजित सेशन में श्री डी0पी0 अहुजा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश ट्रायफेक, कैप्टेन एस0बी0 रेडेकर क्वालिटी एश्योरेंस अधिकारी, क्वालिटी एश्योरेंस प्रतिष्ठान भोपाल, श्री ए0डी0 बरडे एल एंड टी हैवी इंजीनियरिंग आईसी, श्री एस0एम0 वैद्य कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं व्यापार प्रमुख गोदरेज प्रेसिजन सिस्टम, श्री देवेन्द्र भटनागर, कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, महिन्द्रा डिफेंस नेवल सिस्टम, कर्नल राजेन्द्र सिंह भाटिया, अध्यक्ष, भारत फोर्ज लिमिटेड ने अपनी बात रखी।
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